पेट्रोराल्स - 3 (पी- 3 )
पेट्रोराल्स-3 (पी- 3 )
पेट्रोरल्स- 3 दवाओं में निम्न वनस्पतियों को एक निश्चित अनुपात में मिला कर बनाया जाता है।
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क्र0 |
औषधि भौतिक के नाम |
उपयोग प्रत्यय |
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1 |
फेलेंड्रियम एक्वाटिकम |
3 0 |
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2 |
ड्रोसेरा रोटुंडिफोलिया
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3 0 |
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3 |
एडिंथम कैपिली वेनेरिस (हंसराज) |
20 |
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4 |
उरागागो इपेककुआन्हा |
10 |
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5 |
एलियम सेपा (लाल प्याज, लाल प्याज) |
10 |
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6 |
यूकेलिप्टस ग्लोब्युलस (सफेद, नीलगिरी) |
1 0 |
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7 |
हायोसायमस
निग्रा (खुरासानी जिम्मेवार)
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1 0 |
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8 |
पॉलीगला अमरा |
10 |
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9 |
हाइड्रैस्टिस कैनेडेंसिस सीपी + ए-3
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20 |
पेट्रोराल्स- 3 श्वसन तंत्र और फेफडों के अधीनता की तृतीय अवस्था के अधीनता पर प्रयुक्त की जाती है। यह औषधि स्त्री एंव बच्चो के श्वसन तंत्र के प्रयोग की जाती है परन्तु ऐसा नहीं है कि यह पुरुष व अन्य लड़कों पर प्रयोग नहीं कर सकते हैं, रोग अवस्था के अनुसार इसका प्रयोग किया जा सकता है। श्वसन तंत्र, आव छाती
से जुडे ग्रहण पर, एलर्जी, फैफडों की टी0बी0, लंग कैंसर, फेफडों में मवाद, टी0बी0, ब्रोंकाइटिस, न्यूमोनिया, कफ का नश , अर्थात फेफडों से जुडे समस्त के विचारों में इस औषधि का प्रयोग किया जाता है । यह औषधि गहराई से कार्य करने वाली औषधि है। बच्चेचों व ओंओं रोगों के दमा काली खोस्सी , सभी प्रकार की खोस्सी में, ब्रीस्ट से जुडे ,
महिलाओं में दुध का कम होना या अधिक होना, ब्रीस्ट का विकास न होना, बच्चों व स्त्रीयों में सर्दी खॉसी व झुखम का बना रहना, स्त्रियों में माहवारी से जुडी समस्यायें, ल्युकोरिया, सफेद या गाढा पीला पानी जाना आदि में सी-3 के साथ या सी-1 के साथ इसका प्रयोग करना चाहिए । बच्चेचों के हिरण्ययोग में अपनी सहायक औषधियों के साथ प्रयोग कर अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। यह औषधि श्वास लेने में मदद करती है।
डायलयुशन का प्रयोग:- प्रथम डायलयुशन इसका पहला डायल्युशन का प्रयोग शुष्क खोस्सी, धुंध के भूरे होने पर, दमा व श्ववास धारण में परेशानी होने पर, यह औषधि श्ववास में मदद करती है। छाती में रद होने पर, यह औषधि फेफडों को शक्ति प्रदान करती है।
दूसरा डायलयुशन :- एलर्जी, अस्थमा, छाती से जुडे दावों पर, फरफों में पानी भर जाने पर, बार बार पासी का चलना, फैफडों के टिश्यू का क्षय होना या उनकी उपस्थिति में अंतरजाल जाना जाता है।
तीसरा डायल्युशन :- रोग की पुरानी अवस्था में इसके तीसरे डायल्यूशन का प्रयोग करना चाह व प्रथम व दुसरे डायल्यूशन से परिणाम न मिले तो इसका तीसरा व इससे भी उच डायल्यूशन का प्रयोग करना चाहिए।
अनुभव:- श्वास लेने में परेशानी हो रही हो तो गोली का प्रयोग करना चाहिए। डॉ0 ढीगरा सहाब का कहना है कि इस समस्या पर सी-13 एंव पी-3 के स्पेरेजिक ऐसेन्स की गोलीयो का प्रयोग करना चाहिए इससे स्वास निर्धारण की समस्या हल हो जाती है।
डॉ0 सत्यम सिंह चंदेल बी0एच0एम0एस0 , एम0डी0

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