रेड इलैक्‍ट्रीसिटी

                            रेड इलैक्‍ट्रीसिटी 

  


लकवा, पैरालाईसेस, नपुसकता, पसीना लाने के लिये, शरीर को उत्‍तेजित एंव रक्‍त संचार को तीब्र करने के लिये इसका प्रयोग किया जाता है  

कार्य:- यह एक धनात्‍मक बिजली याने योग देने वाली बिजली होने के कारण इसका प्रयोग शरीर के ऋणात्‍मक भाग में या ऋणात्‍मक रोगों में किया जाता है , इस दवा के प्रयोग से शरीर में उत्‍तेजना आती है, एंव रक्‍त संचार तीब्र होने लगता है, इस दवा के प्रयोग से शरीर में पसीना आता है यह दवा रक्‍त संचालन को तेज करती है , शरीर में गर्मी लाती ,

रक्त संचार:- रक्‍त संचार का धीमा होना, हिद्रय की धडकन का रूकना या लो ब्‍लड प्रेशर , रक्‍त संचार के कम होने से जो भी रोग हो उसमें इसका अंतरिक एंव वाहय प्रयोग करना चाहिये ।, रक्‍त संचालन का उचित रूप से कार्य न करने के कारण कई अंगों में रक्‍त नही पहुच पाता इससे उस स्‍थान या वहॉ की कोशिकाओं को भोजन व आक्‍सीजन के न मिलने से वहॉ पर टॉक्‍सीन या मृत कोशिकाये जमा होने लगती है, इससे उक्‍त स्‍थान पर विजातीय तत्‍व जमा होकर गाठे, मवाद , प्रदाह उत्‍पन्‍न्‍ा करते है जो आगे चलकर कैसर होने की संभावना बनती है । यह दवा कैसर गाठो को फोडने का कार्य करती है । यह दवा रक्‍त संचालन को तेज व नियमित करती है ।

किसी भी तरह की कमजोरी में इसका प्रयोग अन्‍य स‍हायक दवाओं के साथ करने पर उचित परिणाम मिलते है , पुरूषों के रोगों में भी इसका प्रयोग किया जाता है, अंगों के शिथिल पडने पर, बालों का झडना, टूटना,गंजापन , कई प्रकार के ऋणात्‍मक रोगों पर साईटिका, पक्षाघात, नशों में र्दद, नशों का शुन्‍यपन, कन्‍धों का र्दद या अन्‍य र्ददों में इसका प्रयोग अंतरिक तथा वाहय रूप से करना चाहिये , या रक्‍त संचार की बजह से होने वाले रोगों पर इसका प्रयोग अन्‍य सहायक औषधियों के साथ करना चाहिये ।

इस लिये इस दवा का प्रयोग धीमें रक्‍त संचार, हिद्रय की धडकन का रूकना या धीमा होना, लो ब्‍लड प्रशर में किया जा सकता है । रक्‍त संचार के कम होने से जो भी रोग उत्‍पन्‍न हो उसमें इसका प्रयोग अपनी सहायक औष‍िधियों जैसे एन्‍जाईटिकोज ग्रुप की दवाओं के साथ कर उचित परि‍णाम प्राप्‍त किये जा सकते है । निम्‍न रक्‍त चाप या हिद्रय के रूकने जैसे समस्‍यॉ पर इस दवा को छाती पर लगाना एंव अंतरिक प्रयोग करना चाहिये । शरीर का कोई भी अंग, नर्व, या, मोटर, सेंसरी नर्व, आदि के निक्रिय होने पर या उक्‍त अंग जब अपना कार्य सामान्‍य स्थिति में नही करते हो तब इसे देने से शरीर में उत्‍तेजना आती ,रक्‍त संचार तीब्र होने लगता है । ऐसी स्थिति में इसका प्रयोग  अंतरिक एंव वाहय दोनो तरीके से किया जा सकता है । इस दवा का प्रभाव शरीर के दाहिने तरफ अधिक होता है, अत: दाहिने तरफ के अंगो के निक्रिय होने या लकवा मार जाने, साईटिका या गठिया, जोडों के र्दद , किसी भी अंग के कार्य न करने आदि पर इसका प्रयोग किया जाता है । निम्‍न रक्‍त चाप की वजह से शरीर का कोई हिस्‍सा ठंडा पर गया हो या शरीर में ठंड ज्‍यादा लगती हो तब इस दवा का प्रयोग अंतरिक एंव बाहय रूप से करना चाहिये , इस दवा के प्रयोग से शरीर में पसीना आता है अत: जब कभी पसीने के रूक जाने से बुखार या अन्‍य रोग उत्‍पन्‍न हो रहे हो तब इसका प्रयोग कर उचित परिणा प्राप्‍त किये जा सकते है यह दवा बलवर्धक है , प्रदाह नाशक है, पेशाब लाती है एंव कब्ज को दूर करती है ।

 

लम्‍बाई बढाने :- पिनियल ग्रन्‍थी या ग्रोथ हार्मोन के न बनने पर बच्‍चों की हाईट न बढती हो तब इसका प्रयोग अंतरिक एंव वाहय (वाहय रूप से सोरल फलैक्‍सेस या नाभी पर एंव नाभी के चारो ओर लगाना चाहिये) हाईट बढाने के लिये इसका प्रयोग अपनी अन्‍य सहायक औषधियों के साथ करना चाहिये ।

 डायलूशन का प्रयोग:-

 प्रथम डायलूशन:- इसके प्रथम डायलूशन का प्रयोग रक्‍त संचार का बढाने के लिये किया जाता है । अंगों के शिथिल होन या शरीर के ठंडा पर जाने मे ,इसके प्रयोग के शरीर में गर्मी आती है , इसका प्रथम डायलूशन शरीर में उत्‍तेजना प्रदान करती है । किसी भी अंग या शरीर की कमजोरी, पोलियों, ज्‍यादा नींद का आना, हिचकी, याददास्‍त की कमी, किसी अंग का सूख जाना ,बच्‍चों की लम्‍बाई बढाने में एंव सूखा रोग में  

दूसरा डायलूशन:- इसके दूसरे डायलूशन के प्रयोग से शरीर में पसीना आता है , जब कभी बुखार या अन्‍य कारणों से शरीर में पसीना रूक गया हो तो इसके दूसरे डायलूशन के प्रयोग से शरीर मे पसीना आने लगता है एंव बुखार उतर जाता है, हाथ पैरो का र्दद हर प्रकार के दर्दो , साईटिका, भूंख न लगना । महिलाओं के मासिकधर्म की गडबडी आदि में , चक्‍कर आने आदि में

तीसरा डायलूशन :- पागलपन , ब्रेन में आई रूकावट ,मूच्‍छा ,शरीर का निक्रिय होने पर इसके स्‍पेरिजिक ऐसेन्‍स की गोलियों का प्रयोग किया जाता है ।

प्रदाह नाशक, रक्‍त संचालन को ठीक करती है 

डाँ. एस.एस.चन्देल (बी.एच.एम.एस,एम.डी)

जन जागरण चैरिटेबल हाँस्पीटल 

हीरोशो रूम के पास नर्मदा बाई स्कूल के पास

बण्डा रोड मकरोनिया सागर म.प्र

मो. 9926436304 , 

https://chikitsa1.blogspot.com इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक 1


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्‍क्रोफोलोसो-1

स्‍क्रोफोलोसो-5 डॉ0 सत्‍यम सिंह चन्‍देल, बी0 एच0 एम0 एस0 , एम0 डी0 (ई0)